Joel 2

HINCV

1 ज़ियोन में तुरही फूंको;

2 वह अंधकार और धुंधलेपन का दिन है,

3 उनके सामने आग विनाश करती है,

4 उनका स्वरूप घोड़ों जैसा है;

5 उनके आगे बढ़ने की आवाज रथों के समान है,

6 उनके सामने जाति-जाति के लोग भय से पीड़ित हो जाते हैं;

7 वे योद्धाओं के समान आक्रमण करते हैं;

8 वे एक दूसरे को धक्का नहीं देते;

9 वे तेजी से शहर में प्रवेश करते हैं;

10 उनके सामने पृथ्वी तक कांप उठती है,

11 याहवेह अपनी सेना के आगे होकर

12 “फिर भी अब,” याहवेह का कहना है,

13 अपने कपड़ों को नहीं,

14 कौन जाने? वे अपना विचार छोड़कर कोमलता दिखाएं

15 ज़ियोन में तुरही फूंको,

16 लोगों को जमा करो,

17 पुरोहित और याहवेह की सेवा करनेवाले,

18 तब याहवेह को अपने देश के विषय में जलन हुई

19 याहवेह ने उन्हें उत्तर दिया:

20 “मैं उत्तर के उपद्रवी झुंड को तुमसे दूर भगा दूंगा,

21 हे यहूदिया देश, मत डरो;

22 हे जंगली जानवरों, मत डरो,

23 ज़ियोन के लोगों, खुश हो,

24 खलिहान अन्‍न से भर जाएंगे;

25 “मैं तुम्हारे उन सब वर्षों की उपज की भरपायी कर दूंगा जिसे टिड्डियों ने खा लिया था—

26 तुम्हारे पास खाने के लिए भोजन वस्तु और तुम पेट भर खाओगे,

27 तब तुम जानोगे कि इस्राएल में हूं,

28 “और उसके बाद,

29 मैं उन दिनों में अपने दास, और दासियों,

30 मैं ऊपर आकाश में अद्भुत चमत्कार

31 याहवेह के उस वैभवशाली और भयानक दिन के

32 और हर एक, जो प्रभु को पुकारेगा,

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