1 याहवेह का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सकें,
2 परंतु तुम्हारे बुरे कामों ने
3 खून से तुम्हारे हाथ तथा अधर्म से तुम्हारी उंगलियां दूषित हो चुकी हैं,
4 कोई भी धर्म व्यवहार में नहीं लाता;
5 वे विषैले सांप के अंडे सेते हैं
6 उनके द्वारा बुने गए जाल से वस्त्र नहीं बन सकते;
7 उनके पैर बुराई करने के लिए दौड़ते हैं;
8 शांति का मार्ग वे नहीं जानते;
9 इस कारण न्याय हमसे दूर है,
10 हम अंधों के समान दीवार को ही टटोल रहे हैं,
11 हम सभी रीछ के समान गुर्राते हैं;
12 हमारे अपराध आपके सामने बहुत हो गये हैं,
13 हमने याहवेह के विरुद्ध अपराध किया, हमने उन्हें ठुकरा दिया
14 न्याय को छोड़ दिया है,
15 हां यह सच है कि सच्चाई नहीं रही,
16 उसने देखा वहां कोई भी मनुष्य न था,
17 उन्होंने धर्म को कवच समान पहन लिया,
18 वह उनके कामों के अनुरूप ही,
19 तब पश्चिम दिशा से, उन पर याहवेह का भय छा जाएगा,
20 “याकोब वंश में से जो अपराध से मन फिराते हैं,
21 “मेरी स्थिति यह है, उनके साथ मेरी वाचा है,” यह याहवेह का संदेश है. “मेरा आत्मा, जो तुम पर आया है, तथा मेरे वे शब्द, जो मैंने तुम्हारे मुंह में डाले; वे तुम्हारे मुंह से अलग न होंगे, न तुम्हारी संतान के मुंह से, न ही तुम्हारी संतान की संतान के मुंह से, यह सदा-सर्वदा के लिए आदेश है.” यह याहवेह की घोषणा है.