1 “परमेश्वर के अभिषिक्त कोरेश को याहवेह ने कहा,
2 मैं तेरे आगे-आगे चलूंगा
3 मैं तुम्हें अंधकार से छिपा हुआ,
4 मेरे सेवक याकोब के हित में,
5 मैं ही वह याहवेह हूं और कोई नहीं;
6 यह इसलिये कि पूर्व से
7 मैं वह हूं जो उजियाला और अंधियारे का सृजन करता हूं,
8 “हे आकाश, अपनी ऊंचाई से धार्मिकता बरसा
9 “हाय उस व्यक्ति पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है,
10 हाय उस व्यक्ति पर जो अपने पिता से पूछे,
11 “याहवेह जो इस्राएल का पवित्र और उसका बनानेवाला है,
12 मैं ही हूं वह जिसने पृथ्वी को बनाया
13 मैंने उसे धार्मिकता में जगाया:
14 याहवेह का संदेश है:
15 हे इस्राएल के परमेश्वर, हे उद्धारकर्ता,
16 वे लज्जित किए जाएंगे यहां तक कि वे अपमानित हो जाएंगे, वे सभी;
17 इस्राएल याहवेह द्वारा छुड़ा दिया गया है,
18 आकाश का रचनेवाला याहवेह,
19 मैंने जो कुछ कहा है वह गुप्त में नहीं कहा है,
20 “हे अन्यजातियों में से बचे हुए लोगो, एक साथ पास आओ;
21 प्रचार करके उनको लाओ,
22 “हे सारी पृथ्वी के लोगो,
23 मैंने अपनी ही शपथ ली है,
24 मेरे विषय में लोग कहेंगे कि, ‘केवल याहवेह में ही
25 इस्राएल के सारे लोग