1 यहोवा शासनकरता है, और धरती प्रसन्न हैं।
2 यहोवा को काले गहरे बादल घेरे हुए हैं।
3 यहोवा के सामने आग चला करती है,
4 उसकी बिजली गगन में काँधा करती है।
5 यहोवा के सामने पहाड़ ऐसे पिघल जाते हैं, जैसे मोम पिघल जाती है।
6 अम्बर उसकी नेकी का बखान करते हैं।
7 लोग उनकी मूर्तियों की पूजा करते हैं।
8 हे सिय्योन, सुन और प्रसन्न हो!
9 हे सर्वोच्च यहोवा, सचमुच तू ही धरती पर शासन करता हैं।
10 जो लोग यहोवा से प्रेम रखते हैं, वे पाप से घृणा करते हैं।
11 ज्योति और आनन्द
12 हे सज्जनों परमेश्वर में प्रसन्न रहो!