1 मैं यहोवा, की करूणा के गीत सदा गाऊँगा।
2 हे यहोवा, मुझे सचमुच विश्वास है, तेरा प्रेम अमर है।
3 परमेश्वर ने कहा था, “मैंने अपने चुने हुए राजा के साथ एक वाचा कीया है।
4 ‘दाऊद तेरे वंश को मैं सतत् अमर बनाऊँगा।
5 हे यहोवा, तेरे उन अद्भुत कर्मो की अम्बर स्तुति करते हैं।
6 स्वर्ग में कोई व्यक्ति यहोवा का विरोध नहीं कर सकता।
7 परमेश्वर पवित्र लोगों के साथ एकत्रित होता है। वे स्वर्गदूत उसके चारो ओर रहते हैं।
8 सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा, जितना तू समर्थ है कोई नहीं है।
9 तू गरजते समुद्र पर शासन करता है।
10 हे परमेश्वर, तूने ही राहाब को हराया था।
11 हे परमेश्वर, जो कुछ भी स्वर्ग और धरती पर जन्मी है तेरी ही है।
12 तूने ही सब कुछ उत्तर दक्षिण रचा है।
13 हे परमेश्वर, तू समर्थ है।
14 तेरा राज्य सत्य और न्याय पर आधारित है।
15 हे परमेश्वर, तेरे भक्त सचमुच प्रसन्न है।
16 तेरा नाम उनको सदा प्रसन्न करता है।
17 तू उनकी अद्भुत शक्ति है।
18 हे यहोवा, तू हमारा रक्षक है।
19 इस्राएल तूने निज सच्चे भक्तों को दर्शन दिये और कहा,
20 मैंने निज सेवक दाऊद को पा लिया,
21 मैंने निज दाहिने हाथ से दाऊद को सहारा दिया,
22 शत्रु चुने हुए राजा को नहीं हरा सका।
23 मैंने उसके शत्रुओं को समाप्त कर दिया।
24 मैं अपने चुने हुए राजा को सदा प्रेम करूँगा और उसे समर्थन दूँगा।
25 मैं अपने चुने हुए राजा को सागर का अधिकारी नियुक्त करूँगा।
26 वह मुझसे कहेगा, ‘तू मेरा पिता है।
27 मैं उसको अपना पहलौठा पुत्र बनाऊँगा।
28 मेरा प्रेम चुने हुए राजा की सदा सर्वदा रक्षा करेगा।
29 उसका वंश सदा अमर बना रहेगा।
30 यदि उसके वंशजों ने मेरी व्यवस्था का पालन छोड़ दिया है
31 यदि मेरे चुने हुए राजा के वंशजों ने मेरे विधान को तोड़ा
32 तो मैं उन्हें दण्ड दूंगा, जो बहुत बड़ा होगा।
33 किन्तु मैं उन लोगों से अपना निज प्रेम दूर नहीं करूँगा।
34 जो वाचा मेरी दाऊद के साथ है, मैं उसको नहीं तोड़ूँगा।
35 अपनी पवित्रता को साक्षी कर मैंने दाऊद से एक विशेष प्रतिज्ञा की थी,
36 दाऊद का वंश सदा बना रहेगा,
37 यह सदा चन्द्रमा के समान चलता रहेगा।
38 किन्तु हे परमेश्वर, तू अपने चुने हुए राजा पर क्रोधित हो गया।
39 तूने अपनी वाचा को रद्द कर दिया।
40 तूने राजा के नगर का परकोटा ध्वस्त कर दिया,
41 राजा के पड़ोसी उस पर हँस रहे हैं,
42 तूने राजा के शत्रुओं को प्रसन्न किया।
43 हे परमेश्वर, तूने उन्हें स्वयं को बचाने का सहारा दिया,
44 तूने उसे जीतने नहीं दिया,
45 तूने उसके जीवन को कम कर दिया,
46 हे यहोवा, तू हमसे क्या सदा छिपा रहेगा
47 याद कर मेरा जीवन कितना छोटा है।
48 ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जो सदा जीवित रहेगा और कभी मरेगा नहीं।
49 हे परमेश्वर, वह प्रेम कहाँ है जो तूने अतीत में दिखाया था
52 यहोवा, सदा ही धन्य है!