Salmos 86

HIN2010

1 मैं एक दीन, असहाय जन हूँ।

2 हे यहोवा, मैं तेरा भक्त हूँ।

3 मेरे स्वामी, मुझ पर दया कर।

4 हे स्वामी, मैं अपना जीवन तेरे हाथ सौंपता हूँ।

5 हे स्वामी, तू दयालु और खरा है।

6 हे यहोवा, मेरी विनती सुन।

7 हे यहोवा, अपने संकट की घड़ी में मैं तेरी विनती कर रहा हूँ।

8 हे परमेश्वर, तेरे समान कोई नहीं।

9 हे स्वामी, तूने ही सब लोगों को रचा है।

10 हे परमेश्वर, तू महान है!

11 हे यहोवा, अपनी राहों की शिक्षा मुझको दे,।

12 हे परमेश्वर, मेरे स्वमी, मैं सम्पूर्ण मन से तेरे गुण गाता हूँ।

13 हे परमेश्वर, तू मुझसे कितना अधिक प्रेम करता है।

14 हे परमेश्वर, मुझ पर अभिमानी वार कर रहे हैं।

15 हे स्वामी, तू दयालु और कृपापूर्ण परमेश्वर है।

16 हे परमेश्वर, दिखा दे कि तू मेरी सुनता है, और मुझ पर कृपालु बन।

17 हे परमेश्वर, कुछ ऐसा कर जिससे यह प्रमाणित हो कि तू मेरी सहायता करेगा।

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