1 हे परमेश्वर, मेरी रक्षा कर!
2 लोग मुझे मार डालने का जतन कर रहे हैं।
3 लोगों ने मुझको हँसी ठट्टों में उड़ाया।
4 मुझको यह आस है कि ऐसे वे सभी लोग जो तेरी आराधना करते हैं,
5 हे परमेश्वर, मैं दीन और असहाय हूँ।
HIN2010
1 हे परमेश्वर, मेरी रक्षा कर!
2 लोग मुझे मार डालने का जतन कर रहे हैं।
3 लोगों ने मुझको हँसी ठट्टों में उड़ाया।
4 मुझको यह आस है कि ऐसे वे सभी लोग जो तेरी आराधना करते हैं,
5 हे परमेश्वर, मैं दीन और असहाय हूँ।