Salmos 66

HIN2010

1 हे धरती की हर वस्तु, आनन्द के साथ परमेश्वर की जय बोलो।

2 उसके माहिमामय नाम की स्तुति करों!

3 उसके अति अद्भुत कामों से परमेश्वर को बखानों!

4 जगत के सभी लोग तेरी उपासना करें

5 तुम उनको देखो जो आश्चर्यपूर्ण काम परमेश्वर ने किये!

6 परमेश्वर ने धरती सूखी होने को सागर को विवश किया

7 परमेश्वर अपनी महाशक्ति से इस संसार का शासन करता है।

8 लोगों, हमारे परमेश्वर का गुणगान

9 परमेश्वर ने हमको यह जीवन दिया है।

10 परमेश्वर ने हमारी परीक्षा ली है। परमेश्वर ने हमें वैसे ही परखा, जैसे लोग आग में डालकर चाँदी परखते हैं।

11 है परमेश्वर, तूने हमें फँदों में फँसने दिया।

12 तूने हमें शत्रुओं से पैरों तले दवाया।

15 तुझको पापबलि अर्पित कर रहा हूँ,

16 ओ सभी लोगों, परमेश्वर के आराधकों।

19 परमेश्वर ने मेरी सुनी।

20 परमेश्वर के गुण गाओ।

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