1 मैं धीरज के साथ
2 परमेश्वर मेरा गढ़ है। परमेश्वर मुझको बचाता है।
3 तू मुझ पर कब तक वार करता रहेगा
4 वे लोग मेरे नाश का कुचक्र रच रहें हैं।
5 मैं यहोवा की बाट धीरज के साथ जोहता हूँ।
6 परमेश्वर मेरा गढ़ है। परमेश्वर मुझको बचाता है।
7 महिमा और विजय, मुझे परमेश्वर से मिलती है।
8 लोगों, परमेश्वर पर हर घड़ी भरोसा रखो!
9 सचमुच लोग कोई मदद नहीं कर सकते।
10 तुम बल पर भरोसा मत रखो की तुम शक्ति के साथ वस्तुओं को छीन लोगे।
11 एक बात ऐसी है जो परमेश्वर कहता है, जिसके भरोसे तुम सचमुच रह सकते हो:
12 मेरे स्वामी, तेरा प्रेम सच्चा है।