1 हे परमेश्वर, तू मुझको मेरे शत्रुओं से बचा ले।
2 ऐसे उन लोगों से, तू मुझको बचा ले।
3 देख! मेरी घात में बलवान लोग हैं।
4 वे मेरे पीछे पड़े हैं, किन्तु मैंने कोई भी बुरा काम नहीं किया है।
5 हे परमेश्वर! इस्राएल के परमेश्वर! तू सर्वशक्ति शाली है।
6 वे दुर्जन साँझ के होते ही
7 तू उनकी धमकियों और अपमानों को सुन।
8 हे यहोवा, तू उनका उपहास करके
9 हे परमेश्वर, तू मेरी शक्ति है। मैं तेरी बाट जोह रहा हूँ।
10 परमेश्वर, मुझसे प्रेम करता है, और वह जीतने में मेरा सहाय होगा।
11 हे परमेश्वर, बस उनको मत मार डाल। नहीं तो सम्भव है मेरे लोग भूल जायें।
12 वे बुरे लोग कोसते और झूठ बोलते रहते हैं।
13 तू अपने क्रोध से उनको नष्ट कर।
14 फिर यदि वे लोग शाम को
15 तो वे खाने को कोई वस्तु ढूँढते फिरेंगे,
16 किन्तु मैं तेरी प्रशंसा के गीत गाऊँगा।
17 मैं अपने गीतों को तेरी प्रशंसा में गाऊँगा