Salmos 37

HIN2010

1 दुर्जनों से मत घबरा,

2 दुर्जन मनुष्य घास और हरे पौधों की तरह

3 यदि तू यहोवा पर भरोसा रखेगा और भले काम करेगा तो तू जीवित रहेगा

4 यहोवा की सेवा में आनन्द लेता रह,

5 यहोवा के भरोसे रह। उसका विश्वास कर।

6 दोपहर के सूर्य सा, यहोवा तेरी नेकी

7 यहोवा पर भरोसा रख और उसके सहारे की बाट जोह।

8 तू क्रोध मत कर! तू उन्मादी मत बन! उतना मत घबराजा कि तू बुरे काम करना चाहे।

9 क्योंकि बुरे लोगों को तो नष्ट किया जायेगा।

10 थोड़े ही समय बाद कोई दुर्जन नहीं बचेगा।

11 नम्र लोग वह धरती पाएंगे जिसे परमेश्वर ने देने का वचन दिया है।

12 दुष्ट लोग सज्जनों के लिये कुचक्र रचते हैं।

13 किन्तु हमारा स्वामी उन दुर्जनों पर हँसता है।

14 दुर्जन तो अपनी तलवारें उठाते हैं और धनुष साधते हैं। वे दीनों, असहायों को मारना चाहते हैं।

15 किन्तु उनके धनुष चूर चूर हो जायेंगे।

16 थोड़े से भले लोग,

17 क्योंकि दुर्जनों को तो नष्ट किया जायेगा।

18 शुद्ध सज्जनों को यहोवा उनके जीवन भर बचाता है।

19 जब संकट होगा,

20 किन्तु बुरे लोग यहोवा के शत्रु हुआ करते हैं।

21 दुष्ट तो तुरंत ही धन उधार माँग लेता है, और उसको फिर कभी नहीं चुकाता।

22 यदि कोई सज्जन किसी को आशीर्वाद दे, तो वे मनुष्य उस धरती को जिसे परमेश्वर ने देने का वचन दिया है, पाएंगे।

23 यहोवा, सैनिक की सावधानी से चलने में सहायता करता है।

24 सैनिक यदि दौड़ कर शत्रु पर प्रहार करें,

25 मैं युवक हुआ करता था पर अब मैं बूढा हूँ।

26 सज्जन सदा मुक्त भाव से दान देता है।

27 यदि तू कुकर्मो से अपना मुख मोड़े, और यदि तू अच्छे कामों को करता रहे,

28 यहोवा खरेपन से प्रेम करता है,

29 सज्जन उस धरती को पायेंगे जिसे देनेका परमेश्वर ने वचन दिया है,

30 भला मनुष्य तो खरी सलाह देता है।

31 सज्जन के हृदय (मन) में यहोवा के उपदेश बसे हैं।

32 किन्तुदुर्जन सज्जन को दु:ख पहुँचाने का रास्ता ढूँढता रहता है, और दुर्जन सज्जन को मारने का यत्न करते हैं।

33 किन्तु यहोवा दुर्जनों को मुक्त नहीं छोड़ेगा।

34 यहोवा की सहायता की बाट जोहते रहो।

35 मैंने दुष्ट को बलशाली देखा है।

36 किन्तु वे फिर मिट गए।

37 सच्चे और खरे बनो,

38 जो लोग व्यवस्था नियम तोड़ते हैं

39 यहोवा नेक मनुष्यों की रक्षा करता है।

40 यहोवा नेक जनों को सहारा देता है, और उनकी रक्षा करता है।

Ler em outra tradução

Comparar lado a lado