1 परमेश्वर के पुत्रों, यहोवा की स्तुति करो!
2 यहोवा की प्रशंसा करो और उसके नाम को आदर प्रकट करो।
3 समुद्र के ऊपर यहोवा की वाणी निज गरजती है।
4 यहोवा की वाणी उसकी शक्ति को दिखाती है।
5 यहोवा की वाणी देवदार वृक्षों को तोड़ कर चकनाचूर कर देता है।
6 यहोवा लबानोन के पहाड़ों को कँपा देता है। वे नाचते बछड़े की तरह दिखने लगता है।
7 यहोवा की वाणी बिजली की कौधो से टकराती है।
8 यहोवा की वाणी मरुस्थलों को कँपा देती है।
9 यहोवा की वाणी से हरिण भयभीत होते हैं।
10 जलप्रलय के समय यहोवा राजा था।
11 यहोवा अपने भक्तों की रक्षा सदा करे,