1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर!
2 हे मेरे परमेश्वर, मैंने तुझे दिन में पुकारा
3 हे परमेश्वर, तू पवित्र है।
4 हमारे पूर्वजों ने तुझ पर विश्वस किया।
5 हे परमेश्वर, हमारे पूर्वजों ने तुझे सहायता को पुकारा और वे अपने शत्रुओं से बच निकले।
6 तो क्या मैं सचमुच ही कोई कीड़ा हूँ,
7 जो भी मुझे देखता है मेरी हँसी उड़ाता है,
8 वे मुझसे कहते हैं कि, “अपनी रक्षा के लिये तू यहोवा को पुकार ही सकता है।
9 हे परमेश्वर, सच तो यह है कि केवल तू ही है जिसके भरोसा मैं हूँ। तूने मुझे उस दिन से ही सम्भाला है, जब से मेरा जन्म हुआ।
10 ठीक उसी दिन से जब से मैं जन्मा हूँ, तू मेरा परमेश्वर रहा है।
11 सो हे, परमेश्वर! मुझको मत बिसरा,
12 मैं उन लोगों से घिरा हूँ,
13 वे उन सिंहो जैसे हैं, जो किसी जन्तु को चीर रहे हों
14 मेरी शक्ति
15 मेरा मुख सूखे ठीकर सा है।
16 मैं चारों तरफ कुतों से घिर हूँ
17 मुझको अपनी हड्डियाँ दिखाई देती हैं।
18 वे मेरे कपड़े आपस में बाँट रहे हैं।
19 हे यहोवा, तू मुझको मत त्याग।
20 हे यहोवा, मेरे प्राण तलवार से बचा ले।
21 मुझे सिंह के मुँह से बचा ले
22 हे यहोवा, मैं अपने भाईयों में तेरा प्रचार करुँगा।
23 ओ यहोवा के उपासकों, यहोवा की प्रशंसा करो।
24 क्योंकि यहोवा ऐसे मनुष्यों की सहायता करता है जो विपति में होते हैं।
25 हे यहोवा, मेरा स्तुति गान महासभा के बीच तुझसे ही आता है।
26 दीन जन भोजन पायेंगे और सन्तुष्ट होंगे।
27 काश सभी दूर देशों के लोग यहोवा को याद करें
28 क्योंकि यहोवा राजा है।
29 लोग असहाय घास के तिनकों की भाँति धरती पर बिछे हुए हैं।
30 और भविष्य में हमारे वंशज यहोवा की सेवा करेंगे।
31 वे लोग आयेंगे और परमेश्वर की भलाई का प्रचार करेंगे