1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन।
2 तू मुझ पर अपने दास पर मुकदमा मत चला।
3 किन्तु मेरे शत्रु मेरे पीछे पड़े हैं।
4 मैं निराश हो रहा हूँ।
5 किन्तु मुझे वे बातें याद हैं, जो बहुत पहले घटी थी।
6 हे यहोवा, मैं अपना हाथ उठाकर के तेरी विनती करता हूँ।
7 हे यहोवा, मुझे शीघ्र उत्तर दे।
8 हे यहोवा, इस भोर के फूटते ही मुझे अपना सच्चा प्रेम दिखा।
9 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं से रक्षा पाने को मैं तेरे शरण में आता हूँ।
10 दिखा मुझे जो तू मुझसे करवाना चाहता है।
11 हे यहोवा, मुझे जीवित रहने दे,
12 हे यहोवा, मुझ पर अपना प्रेम प्रकट कर।