1 बाबुल की नदियों के किनारे बैठकर
2 हमने पास खड़े बेंत के पेड़ों पर निज वीणाएँ टाँगी।
3 बाबुल में जिन लोगों ने हमें बन्दी बनाया था, उन्होंने हमसे गाने को कहा।
4 किन्तु हम यहोवा के गीतों को किसी दूसरे देश में
5 हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे कभी भूलूँ।
6 हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे कभी भूलूँ।
7 हे यहोवा, याद कर एदोमियों ने उस दिन जो किया था।
8 अरी ओ बाबुल, तुझे उजाड़ दिया जायेगा।
9 उस व्यक्ति को धन्य कहो जो तुझे वह क्लेश देगा जो तूने हमको दिये।