1 यहोवा की प्रशंसा करो।
2 तुम लोग यहोवा के मन्दिर में खड़े हो।
3 यहोवा की प्रशंसा करो क्योंकि वह खरा है।
4 यहोवा ने याकूब को चुना था।
5 मैं जानता हूँ, यहोवा महान है।
6 यहोवा जो कुछ वह चाहता है
7 परमेश्वर धरती पर सब कहीं मेघों को रचता है।
8 परमेश्वर मिस्र में मनुष्यों और पशुओं के सभी पहलौठों को नष्ट किया था।
9 परमेश्वर ने मिस्र में बहुत से अद्भुत और अचरज भरे काम किये थे।
10 परमेश्वर ने बहुत से देशों को हराया।
11 उसने एमोरियों के राजा सीहोन को पराजित किया।
12 परमेश्वर ने उनकी धरती इस्राएल को दे दी। परमेश्वर ने अपने भक्तों को धरती दी।
13 हे यहोवा, तू सदा के लिये प्रसिद्ध होगा।
14 यहोवा ने राष्ट्रों को दण्ड दिया
15 दूसरे लोगों के देवता बस सोना और चाँदी के देवता थे।
16 पुतलों के मुँह है, पर बोल नहीं सकते।
17 पुतलों के कान हैं, पर उन्हें सुनाई नहीं देता।
18 वे लोग जिन्होंने इन पुतलों को बनाया, उन पुतलों के समान हो जायेंगे।
19 इस्राएल की संतानों, यहोवा को धन्य कहो!
20 लेवी की संतानों, यहोवा को धन्य कहो!
21 सिय्योन का यहोवा धन्य है।