1 हे यहोवा, मेरी रक्षा कर!
2 लोग अपने ही साथियों से झूठ बोलते हैं।
3 यहोवा उन ओंठों को सी दे जो झूठ बोलते हैं।
4 ऐसे जन सोचते है, “हमारी झूठें हमें बड़ा व्यक्ति बनायेंगी।
5 किन्तु यहोवा कहता है:
6 यहोवा के वचन सत्य हैं और इतने शुद्ध
7 हे यहोवा, असहाय जन की सुधि ले।
8 ये दुर्जन अकड़े और बने ठने घूमते हैं।