1 यहोवा का मान करो क्योंकि वह परमेश्वर है।
2 इस्राएल यह कहता है,
3 याजक ऐसा कहते हैं,
4 तुम लोग जो यहोवा की उपासना करते हो, कहा करते हो,
5 मैं संकट में था सो सहारा पाने को मैंने यहोवा को पुकारा।
6 यहोवा मेरे साथ है सो मैं कभी नहीं डरूँगा।
7 यहोवा मेरा सहायक है।
8 मनुष्यों पर भरोसा रखने से
9 अपने मुखियाओं पर भरोसा रखने से
10 मुझको अनेक शत्रुओं ने घेर लिया है।
11 शत्रुओं ने मुझको फिर घेर लिया।
12 शत्रुओं ने मुझे मधु मक्खियों के झुण्ड सा घेरा।
13 मेरे शत्रुओं ने मुझ पर प्रहार किया और मुझे लगभग बर्बाद कर दिया
14 यहोवा मेरी शक्ति और मेरा विजय गीत है।
15 सज्जनों के घर में जो विजय पर्व मन रहा तुम उसको सुन सकते हो।
16 यहोवा की भुजाये विजय में उठी हुई हैं।
17 मैं जीवित रहूँगा, मैं मरूँगा नहीं,
18 यहोवा ने मुझे दण्ड दिया
19 हे पुण्य के द्वारों तुम मेरे लिये खुल जाओ
20 वे यहोवा के द्वार है।
21 हे यहोवा, मेरी विनती का उत्तर देने के लिये तेरा धन्यवाद।
22 जिसको राज मिस्रियों ने नकार दिया था
23 यहोवा ने इसे घटित किया
24 यहोवा ने आज के दिन को बनाया है।
25 लोग बोले, “यहोवा के गुण गाओ!
26 उस सब का स्वागत करो जो यहोवा के नाम में आ रहे हैं।”
27 यहोवा परमेश्वर है, और वह हमें अपनाता है।
28 हे यहोवा, तू हमारा परमेश्वर है, और मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ।
29 यहोवा की प्रशंसा करो क्योंकि वह उत्तम है।