Salmos 116

HIN2010

1 जब यहोवा मेरी प्रार्थनाएँ सुनता है

2 जब मै सहायता पाने उसको पुकारता हूँ वह मेरी सुनता है:

3 मैं लगभग मर चुका था।

4 तब मैंने यहोवा के नाम को पुकारा,

5 यहोवा खरा है और दयापूर्ण है।

6 यहोवा असहाय लोगों की सुध लेता है।

7 हे मेरे प्राण, शांत रह।

8 हे परमेश्वर, तूने मेरे प्राण मृत्यु से बचाये।

9 जीवितों की धरती में मैं यहोवा की सेवा करता रहूँगा।

10 यहाँ तक मैंने विश्वास बनाये रखा जब मैंने कह दिया था,

11 मैंने यहाँ तक विश्वास सम्भाले रखा जब कि मैं भयभीत था

12 मैं भला यहोवा को क्या अर्पित कर सकता हूँ

13 मैं उसे पेय भेंट दूँगा

14 जो कुछ मन्नतें मैंने मागी हैं वे सभी मैं यहोवा को अर्पित करूँगा,

15 किसी एक की भी मृत्यु जो यहोवा का अनुयायी है, यहोवा के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।

16 मैं तेरा सेवक हूँ।

17 मैं तुझको धन्यवाद बलि अर्पित करूँगा।

18 मैं यहोवा को जो कुछ भी मन्नतें मानी है वे सभी अर्पित करूँगा,

19 मैं मन्दिर में जाऊँगा

Ler em outra tradução

Comparar lado a lado