1 हे मेरी आत्मा, तू यहोवा के गुण गा!
2 हे मेरी आत्मा, यहोवा को धन्य कह
3 उन सब पापों के लिये परमेश्वर हमको क्षमा करता है जिनको हम करते हैं।
4 परमेश्वर हमारे प्राण को कब्र से बचाता है,
5 परमेश्वर हमें भरपूर उत्तम वस्तुएँ देता है।
6 यहोवा खरा है।
7 परमेश्वर ने मूसा को व्यवस्था का विधान सिखाया।
8 यहोवा करुणापूर्ण और दयालु है।
9 यहोवा सदैव ही आलोचना नहीं करता।
10 हम ने परमेश्वर के विरुद्ध पाप किये,
11 अपने भक्तों पर परमेश्वर का प्रेम वैसे महान है
12 परमेश्वर ने हमारे पापों को हमसे इतनी ही दूर हटाया
13 अपने भक्तों पर यहोवा वैसे ही दयालु है,
14 परमेश्वर हमारा सब कुछ जानता है।
15 परमेश्वर जानता है कि हमारा जीवन छोटा सा है।
16 फिर गर्म हवा चलती है और वह फूल मुरझाता है।
17 किन्तु यहोवा का प्रेम सदा बना रहता है।
18 परमेश्वर ऐसे उन लोगों पर दयालु है, जो उसकी वाचा को मानते हैं।
19 परमेश्वर का सिंहासन स्वर्ग में संस्थापित है।
20 हे स्वर्गदूत, यहोवा के गुण गाओ।
21 हे सब उसके सैनिकों, यहोवा के गुण गाओ, तुम उसके सवक हो।
22 हर कहीं हर वस्तु यहोवा ने रची है। परमेश्वर का शासन हर कहीं वस्तु पर है।