1 हे इस्राएल, तेरा पतन हुआ और तूने परमेश्वार के विरूद्ध पाप किया। इसलिये अब तू अपने परमेश्वार यहोवा की ओर लौट आ।
2 जो बातें तुझे कहनी हैं, उनके बारे में सोच और यहोवा की ओर लौट आ। उससे कह,
3 अश्शूर हमें बचा नहीं पायेगा।
4 यहोवा कहता है, “उन्होंने मुझे त्याग दिया।
5 मैं इस्राएल के निमित्त ओस सा बनूँगा।
6 उसकी शाखायें जैतून के पेड़ सी बढ़ेंगी
7 इस्राएल के लोग फिर से मेरे संरक्षण में रहेंगे।
8 “हे एप्रैम, मुझ यहोवा को इन मूर्तियों से कोई सरोकार नहीं है।
9 ये बातें बुद्धिमान व्यक्ति को समझना चाहिये,