Miquéias 4

HIN2010

1 आगे आने वाले समय में यह घटना घटेगी यहोवा के मन्दिर का पर्वत

2 अनेक जातियाँ यहाँ आ कर कहेंगी,

3 परमेश्वर बहुत सी जातियों का न्याय करेगा।

4 किन्तु हर कोई अपने अंगूरों की बेलों तले

5 दूसरे देशों के सभी लोग अपने देवताओं का अनुसरण करते हैं।

6 होवा कहता है,

7 “उस ‘ध्वस्त’ नगरी के लोग विशेष वंश होंगे।

8 हे रेवड़ के मीनार,

9 अब तुम क्यों इतने ऊँचे स्वर में पुकार रहे हो?

10 सिय्योन की पुत्री, तू पीड़ा को झेल।

11 तुझसे लड़ने के लिये अनेक जातियाँ आयीं।

12 लोगों की उनकी अपनी योजनाएँ हैं

13 हे सिय्योन की पुत्री, खड़ी हो और तू उन लोगों को कुचल दे!

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