1 फिर मैंने कहा, “हे याकूब के मुखियाओं, अब सुनो।
2 किन्तु तुमको नेकी से घृणा है
3 तुम मेरे लोगों को नष्ट कर रहे हो!
4 तुम यहोवा से विनती करोगे
5 झूठे नबी यहोवा के लोगों को जीवन की उलटी रीति सीखाते हैं। यहोवा उन झूठे नबियों के विषय में यह कहता है:
6 “इसलिये यह तुम्हारे लिये रात सा होगा।
7 “भविष्य के दृष्टा लज्जित हो जायेंगे।
8 किन्तु यहोवा की आत्मा ने मुझको शक्ति, नेकी,
9 हे याकूब के मुखियाओं, इस्राएल के शासकों तुम मेरी बात सुनो!
10 तुमने सिय्योन का निर्माण लोगों की हत्या करके किया।
11 यरूशलेम के न्यायाधीश उनके पक्ष में जो न्यायालय में जीतेगा,
12 हे मुखियाओं, तुम्हारे ही कारण सिय्योन का विनाश होगा।