1 यह सन्देश अम्मोनी लोगों के बारे में है। यहोवा कहता है,
2 यहोवा कहता है, “वह समय आएगा जब रब्बा अम्मोन के लोग युद्ध का घोष सुनेंगे।
3 “हेशबोन के लोगों, रोओ।
4 तुम अपनी शक्ति की डींग मारते हो।
5 किन्तु सर्वशक्तिमान यहोवा यह कहता है,
6 “अम्मोनी लोग बन्दी बनाकर दूर पहुँचाए जायेंगे। किन्तु समय आएगा जब मैं अम्मोनी लोगों को वापस लाऊँगा।” यह सन्देश यहोवा का है।
7 यह सन्देश एदोम के बारे में है: सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है,
8 ददान के निवासियों भागो, छिपो।
9 “यदि अंगूर तोड़ने वाले आते हैं
10 किन्तु मैं एसाव से हर चीज़ ले लूँगा।
11 कोई भी व्यक्ति उनके बच्चों की देख—रेख के लिये नहीं बचेगा।
12 यह वह है, जो यहोवा कहता है, “कुछ व्यक्ति दण्ड के पात्र नहीं होते, किन्तु उन्हें कष्ट होता है। किन्तु एदोम तुम दण्ड पाने योग्य हो, अत: सचमुच तुमको दण्ड मिलेगा। जो दण्ड तुम्हें मिलना चाहिये, उससे तुम बचकर नहीं निकल सकते। तुम्हें दण्ड मिलेगा।”
13 यहोवा कहता है, “मैं अपनी शक्ति से यह प्रतिज्ञा करता हूँ, मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि बोस्रा नगर नष्ट कर दिया जाएगा। वह नगर बरबाद चट्टानों का ढेर बनेगा। जब लोग अन्य नगरों का बुरा होना चाहेंगे तो वे इस नगर को उदाहरण के रूप में याद करेंगे। लोग उस नगर का अपमान करेंगे और बोस्रा के चारों ओर के नगर सदैव के लिये बरबाद हो जाएंगे।”
14 मैंने एक सन्देश यहोवा से सुना।
15 एदोम, मैं तुम्हें महत्वहीन बनाऊँगा।
16 एदोम, तुमने अन्य राष्ट्रों को आतंकित किया है।
17 “एदोम नष्ट किया जाएगा।
18 एदोम, सदोम, अमोरा और उनके चारों ओर के नगरों जैसा नष्ट किया जाएगा।
19 “कभी यरदन नदी के समीप की घनी झाड़ियों से एक सिंह निकलेगा और वह सिंह उन खेतों में जाएगा जहाँ लोग अपनी भेड़ें और अपने पशु रखते हैं। मैं उस सिंह के समान हूँ। मैं एदोम जाऊँगा और मैं उन लोगों को आतंकित करूँगा। मैं उन्हें भगाऊँगा। उनका कोई युवक मुझको नहीं रोकेगा। कोई भी मेरे समान नहीं है। कोई भी मुझको चुनौती नहीं देगा। उनके गडेरियों (प्रमुखों) में से कोई भी हमारे विरुद्ध खड़ा नहीं होगा।”
20 अत: यहोवा ने एदोम के विरुद्ध जो योजना बनाई है उसे सुनो।
21 एदोम के पतन के धमाके से पृथ्वी काँप उठेगी।
22 यहोवा उस उकाब की तरह मंडरायेगा जो अपने शिकार पर टूटता है।
23 यह सन्देश दमिश्क नगर के लिये है:
24 दमिश्क नगर दुर्बल हो गया है।
25 “दमिश्क प्रसन्न नगर है।
26 अत: युवक इस नगर के सार्वजनिक चौराहे में मरेंगे।
27 “मैं दमिश्क की दीवारों में आग लगा दूँगा।
28 यह सन्देश केदार के परिवार समूह और हासोर के शासकों के बारे में है। बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने उन्हें पराजित किया था। यहोवा कहता है,
29 उनके डेरे और रेवड़ ले लिये जाएंगे।
30 शीघ्र ही भाग निकलो!
31 “एक राष्ट्र है, जो खुशहाल है।
32 “शत्रु उनके ऊँटों और पशुओं के बड़े झुण्डों को चुरा लेगा।
33 “हासोर का प्रदेश जंगली कुत्तों के रहने का स्थान बनेगा।
34 जब सिदकिय्याह यहूदा का राजा था तब उसके राज्यकाल के आरम्भ में यिर्मयाह नबी ने यहोवा का एक सन्देश प्राप्त किया। यह सन्देश एलाम राष्ट्र के बारे में है।
35 सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है,
36 मैं एलाम पर चतुर्दिक तूफान लाऊँगा।
37 मैं एलाम को, उनके शत्रुओं के देखते, टुकड़ों में बाँट दूँगा।
38 मैं एलाम को दिखाऊँगा कि मैं व्यवस्थापक हूँ
39 “किन्तु भविष्य में मैं एलाम के लिये सब अच्छा घटित होने दूँगा।”