Jeremias 48

HIN2010

1 यह सन्देश मोआब देश के बारे में है। इस्राएल के लोगों के परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा ने जो कहा, वह यह है:

2 मोआब की पुन: प्रशंसा नहीं होगी।

3 होरोनैम नगर से रूदन सुनो,

4 मोआब नष्ट किया जाएगा।

5 मोआब के लोगों लूहीत के मार्ग तक जाओ।

6 भाग चलो, जीवन के लिए भागो!

7 “तुम अपनी बनाई चीज़ों और अपने धन पर विश्वास करते हो।

8 विध्वंसक हर एक नगर के विरुद्ध आएगा,

9 मोआब के खेतों में नमक फैलाओ।

10 यदि व्यक्ति वह नहीं करता जिसे यहोवा कहता है

11 “मोआब का कभी विपत्ति से पाला नहीं पड़ा।

12 यहोवा यह सब कहता है,

13 तब मोआब के लोग अपने असत्य देवता कमोश के लिए लज्जित होंगे। इस्राएल के लोगों ने बेतेल में झूठे देवता पर विश्वास किया था और इस्राएल के लोगों को उस समय ग्लानि हुई थी जब उस असत्य देवता ने उनकी सहायता नहीं की थी।

14 “तुम यह नहीं कह सकते ‘हम अच्छे सैनिक हैं।

15 शत्रु मोआब पर आक्रमण करेगा।

16 मोआब का अन्त निकट है।

17 मोआब के चारों ओर रहने वाले लोगों, तुम सभी उस देश के लिये रोओगे।

18 “दीबोन में रहने वाले लोगों अपने प्रतिष्ठा के स्थान से बाहर निकलो।

19 “अरोएर में रहने वाले लोगों, सड़क के सहारे खड़े होओ और सावधानी से देखो।

20 “मोआब बरबाद होगा और लज्जा से गड़ जाएगा।

21 उच्च मैदान के लोग दण्ड पा चुके होलोन, यहसा

22 दीबोन, नबो

23 किर्य्यातैम, बेतगामूल

24 करिय्योत बोस्रा तथा मोआब के निकट

25 मोआब की शक्ति काट दी गई,

26 “मोआब ने समझा था वह यहोवा से भी अधिक महत्वपूर्ण है।

27 “मोआब तुमने इस्राएल का मजाक उड़ाया था।

28 मोआब के लोगों, अपने नगरों को छोड़ो।

29 “हम मोआब के गर्व को सुन चुके हैं,

30 यहोवा कहता है, “मैं जानता हूँ कि मोआब शीघ्र ही क्रोधित हो जाता है और अपनी प्रशंसा के गीत गाता है।

31 अत: मैं मोआब के लिये रोता हूँ।

32 मैं याजेर के लोग के साथ याजेर के लिये रोता हूँ।

33 मोआब के विशाल अंगूर के बागों से सुख और आनन्द विदा हो गये।

34 “हेशबोन और एलाले नगरों के लोग रो रहे हैं। उनका रूदन दूर यहस के नगर में भी सुनाई पड़ रहा है। उनका रूदन सोआर नगर से सुनाई पड़ रहा है और होरोनैम एवं एग्लथ शेलिशिया के दूर नगरों तक पहुँच रहा है। यहाँ तक कि निम्रीम का भी पानी सुखे गया है।

35 मैं मोआब को उच्च स्थानों पर होमबलि चढ़ाने से रोक दूँगा। मैं उन्हें अपने देवताओं को बलि चढ़ाने से रोकूँगा। यहोवा ने यह सब कहा।

36 “मुझे मोआब के लिये बहुत दु:ख है। शोक गीत छेड़ने वाली बाँसुरी की धुन की तरह मेरा हृदय रूदन कर रहा है। मैं कीर्हेरेस के लोगों के लिये दु:खी हूँ। उनके धन और सम्पत्ति सभी ले लिये गए हैं।

37 हर एक अपना सिर मुड़ाये है। हर एक की दाढ़ी साफ हो गई हे। हर एक के हाथ कटे हैं और उनसे खून निकल रहा है। हर एक अपनी कमर में शोक के वस्त्र लपेटे हैं।

38 मोआब में लोग घरों की छतों और हर एक सार्वजनिक चौराहों में सर्वत्र मरे हुओं के लिये रो रहे हैं। वहाँ शोक है क्योंकि मैंने मोआब को खाली घड़े की तरह फोड़ डाला है।” यहोवा ने यह सब कहा।

39 “मोआब बिखर गया है। लोग रो रहे हैं। मोआब ने आत्म समर्पण किया है। अब मोआब लज्जित है। लोग मोआब का मजाक उड़ाते हैं, किन्तु जो कुछ हुआ है वह उन्हें भयभीत कर देता है।”

40 यहोवा कहता है, “देखो, एक उकाब आकाश से नीचे को टूट पड़ रहा है।

41 मोआब के नगरों पर अधिकार होगा।

42 मोआब का राष्ट्र नष्ट कर दिया जायेगा।

43 यहोवा यह सब कहता है:

44 लोग डरेंगे और भाग खड़े होंगे,

45 “शक्तिशाली शत्रु से लोग भाग चले हैं।

46 मोआब यह तुम्हारे लिये, बहुत बुरा होगा।

47 मोआब के लोग बन्दी के रूप में दूर पहुँचाए जाएंगे।

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