1 यह कौन है जो एदोम से आ रहा है,
2 “तू ऐसे वस्त्र जो लाल धब्बों से युक्त हैं?
3 वह उत्तर देता है, “दाखमधु के कुंडे में मैंने अकेले ही दाख रौंदी।
4 मैंने राष्ट्रों को दण्ड देने के लिये एक समय चुना।
5 मैं चकित हुआ कि किसी भी व्यक्ति ने मेरा समर्थन नहीं किया।
6 जब मैं क्रोधित था, मैंने लोगों को रौंद दिया था।
7 यह मैं याद रखूँगा कि यहोवा दयालु है
8 यहोवा ने कहा था “ये मेरे लोग हैं।
9 उनको उनके सब संकटो से किसी भी स्वर्गदूत ने नहीं बचाया था।
10 किन्तु वे लोग यहोवा से मुख मोड़ चले।
11 किन्तु यहोवा अब भी पहले का समय याद करता है।
12 यहोवा ने अपने दाहिने हाथ से मूसा की अगुवाई की।
13 यहोवा ने लोगों को राह दिखाई।
14 जैसे मवेशी घाटियों से उतरते और विश्राम का ठौर पाते हैं
15 हे यहोवा, तू आकाश से नीचे देख।
16 देख, तू ही हमारा पिता है!
17 हे यहोवा, तू हमको अपने से दूर क्यों ढकेल रहा है
18 थोड़े समय के लिये हमारे शत्रुओं ने तेरे पवित्र लोगों पर कब्जा कर लिया था।
19 कुछ लोग तेरा अनुसरण नहीं करते हैं।