Isaías 25

HIN2010

1 हे यहोवा, तू मेरा परमेश्वर है।

2 तूने नगर को नष्ट किया।

3 सामर्थी लोग तेरी महिमा करेंगे।

4 यहोवा निर्धन लोगों के लिये जो जरुरतमंद हैं, तू सुरक्षा का स्थान है।

5 नारे लगाते हुए शत्रु ने ललकारा।

6 उस समय, सर्वशक्तिमान यहोवा इस पर्वत के सभी लोगों के लिये एक भोज देगा। भोज में उत्तम भोजन और दाखमधु होगा। दावत में नर्म और उत्तम माँस होगा।

7 किन्तु अब देखो, एक ऐसा पर्दा है जो सभी जातियों और सभी व्यक्तियों को ढके है। इस पर्दे का नाम है, “मृत्यु।”

8 किन्तु मृत्यु का सदा के लिये अंत कर दिया जायेगा और मेरा स्वामी यहोवा हर आँख का हर आँसू पोंछ देगा। बीते समय में उसके सभी लोग शर्मिन्दा थे। यहोवा उन की लज्जा का इस धरती पर से हरण कर लेगा। यह सब कुछ घटेगा क्योंकि यहोवा ने कहा था, ऐसा हो।

9 उस समय लोग ऐसा कहेंगे,

10 इस पहाड़ पर यहोवा की शक्ति है

11 यहोवा अपने हाथ ऐसे फैलायेगा जैसे कोई तैरता हुआ व्यक्ति फैलाता है।

12 यहोवा लोगों की ऊँची दीवारों और सुरक्षा स्थानों को नष्ट कर देगा।

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