1 मेरी प्रिये, तुम अति सुन्दर हो!
2 तेरे दाँत उन भेड़ों जैसे सफेद हैं
3 तेरा अधर लाल रेशम के धागे सा है।
4 तेरी गर्दन लम्बी और पतली है
5 तेरे दो स्तन
6 मैं गंधरस के पहाड़ पर जाऊँगा
7 मेरी प्रिये, तू पूरी की पूरी सुन्दर हो।
8 ओ मेरी दुल्हिन, लबानोन से आ, मेरे साथ आजा।
9 हे मेरी संगिनी, हे मेरी दुल्हिन,
10 मेरी संगिनी, हे मेरी दुल्हिन, तेरा प्रेम कितना सुन्दर है!
11 मेरी दुल्हिन, तेरे अधरों से मधु टपकता है।
12 मेरी संगिनी, हे मेरी दुल्हिन, तुम ऐसी हो
13 तेरे अंग उस उपवन जैसे हैं
14 जिसमें जटामासी का, केसर, अगर और दालचीनी का इत्र भरा हो।
15 तू उपवन का सोता है
16 जागो, हे उत्तर की हवा!