1 ओ प्रभु, पुस्ताउँइँले पुस्ता समा
2 कोंमैं तखब् भन्दा ओंसों,
3 “ओ म्हिए प्हसेमैं सर एखो!” बिसि
4 क्हिए ल्हागिर हजार बर्ष घ्रि
5 नाँए प्हलें युब् धोंले क्हिजी म्हिमैंलाइ बोयाम्,
6 च न्हाँगर मल्गेमुँ धै थेब् तदै ह्यामुँ,
7 क्हिए ह्रिसर ङि नास तइमुँ,
8 ङिइ लबै छेरन् ङ्हाँबै केमैं क्हिजी ङ्ह्योरिइमुँ,
9 क्हिए थेबै ह्रिसर ङिए ताँन् त्हिंइमैं थोम्;
10 ङिए छ्ह ङिंच्यु बर्ष मत्त्रे ग,
11 क्हिए ह्रिस कति ल्हें मुँ बिसि खाबइ क्होइमुँ?
12 छतसि ङिइ बुद्धि योंल् खाँरिगे बिसि
13 अझै क्हि खोंयों समा ह्रिस खरिमुँ?
14 ङिए छ्ह तिगोंन् सैं तोंदै निस्योल योंरिगे बिसि
15 कति त्हिंइ समा क्हिजी ङिए फिर दुःख पिंइ,
16 क्हिए के लब्मैंने क्हिजी लबै केमैं उँइँमिंन्,
17 ङिए याहवेह परमेश्वरए आशिक ङिए फिर तरिगे,