3 ओ यरदन नदीक लग-पासक पूरा इलाका मे घूमि-घूमि कऽ प्रचार करऽ लगलाह जे, “पापक क्षमा पयबाक लेल पश्चात्ताप कऽ हृदय-परिवर्तन करू और बपतिस्मा लिअ,”
4 जेना परमेश्वरक प्रवक्ता यशायाहक पुस्तक मे लिखल अछि जे,
5 प्रत्येक गहींर भाग भरि देल जायत,
6 सभ मनुष्य परमेश्वर द्वारा प्रदान कयल उद्धार केँ देखत।’ ”
7 लोकक भीड़ सभ यूहन्ना सँ बपतिस्मा लेबऽ अबैत रहैत छल आ ओ ओकरा सभ केँ कहैत छलथिन, “है साँपक सन्तान सभ! परमेश्वरक आबऽ वला क्रोध सँ बचबाक लेल तोरा सभ केँ के सिखौलकह?
8 तोँ सभ जँ अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन कयने छह, तँ तकर प्रमाण अपना व्यवहार द्वारा देखाबह। और अपना मोन मे एना सोचि निश्चिन्त नहि रहह जे, हमर सभक कुल-पिता अब्राहम छथि, कारण, हम तोरा सभ केँ कहैत छिअह जे परमेश्वर एहि पाथर सभ सँ अब्राहमक लेल सन्तान उत्पन्न कऽ सकैत छथि।
9 गाछक जड़ि मे कुड़हरि रखा गेल अछि। जे गाछ नीक फल नहि दैत अछि से काटल आ आगि मे फेकल जायत।”
10 एहि पर लोक सभ यूहन्ना सँ पुछऽ लागल, “तँ हम सभ की करू?”
11 ओ उत्तर देलथिन, “जकरा दूटा कुर्ता होइक से एकटा तकरा देअओ जकरा नहि छैक, और जकरा लग भोजनक वस्तु होइक सेहो एहिना करओ।”
12 कर असूल करऽ वला सभ सेहो बपतिस्मा लेबऽ आयल आ यूहन्ना सँ पुछलकनि, “यौ गुरुजी, हम सभ की करू?”
13 ओ उत्तर देलथिन, “जतबा कर निश्चित कयल गेल अछि ताहि सँ बेसी नहि लैह।”
14 एहि पर सैनिक सभ पुछलकनि, “आ हम सभ की करू?” ओ कहलथिन, “ककरो सँ बलजोरी पाइ नहि लैह, आ ने ककरो पर झुट्ठे दोष लगाबह। अपना दरमाहा सँ सन्तुष्ट रहह।”
15 जनता मे एकटा बड़का उत्सुकता आबि गेल छलैक, आ सभ मोने-मोन यूहन्नाक बारे मे सोचि रहल छल जे, कहीं ई उद्धारकर्ता-मसीह तँ नहि छथि?
16 यूहन्ना सभ केँ उत्तर दैत छलथिन, “हम तोरा सभ केँ पानि सँ बपतिस्मा दैत छिअह। मुदा हमरा सँ शक्तिशाली एक गोटे आबि रहल छथि, जिनकर जुत्तो खोलऽ जोगरक हम नहि छी। ओ तोरा सभ केँ पवित्र आत्मा और आगि सँ बपतिस्मा देथुन।
17 ओ अपन खरिहानक अन्न साफ करबाक लेल हाथ मे सूप लेने छथि। ओ गहुम केँ बखारी मे राखि लेताह, मुदा भुस्सा केँ ओहि आगि मे जरौताह जे कहियो नहि मिझायत।”
18 ई बात और आरो अन्य तरहक बहुत बातक द्वारा यूहन्ना लोक सभ केँ बुझा-सुझा कऽ शुभ समाचार सुनबैत रहलथिन।
19 मुदा जखन यूहन्ना शासक हेरोद पर भायक घरवाली हेरोदियासक कारणेँ, तथा आरो कुकर्म सभक कारणेँ जे ओ कयने छलाह, दोष लगौलथिन,
20 तँ हेरोद अपना कुकर्म मे एकटा इहो कुकर्म जोड़ि लेलनि जे, ओ यूहन्ना केँ जहल मे बन्द करबा देलथिन।
21 सभ लोक केँ बपतिस्मा लेलाक बाद यीशुओ बपतिस्मा लेलनि। बपतिस्माक बाद जखन ओ प्रार्थना कऽ रहल छलाह तँ स्वर्ग खुजल
22 आ पवित्र आत्मा परबाक रूप मे हुनका ऊपर उतरि अयलाह, और स्वर्ग सँ आवाज आयल जे, “अहाँ हमर प्रिय पुत्र छी। अहाँ सँ हम बहुत प्रसन्न छी।”
23 यीशु जखन अपन काज शुरू कयलनि तँ लगभग तीस वर्षक छलाह। एना मानल जाइत छल जे ओ यूसुफक पुत्र छलाह।
24 एली मतातक पुत्र छलाह,
25 यूसुफ मततियाक पुत्र छलाह,
26 नागै मातक पुत्र छलाह,
27 योदाह योहनानक पुत्र छलाह,
28 नेरी मलकीक पुत्र छलाह,
29 एर यहोशूक पुत्र छलाह,
30 लेवी सिमियोनक पुत्र छलाह,
31 एलयाकीम मलेआहक पुत्र छलाह,
32 दाऊद यिशयक पुत्र छलाह,
33 नाशोन अमीनादाबक पुत्र छलाह,
34 यहूदा याकूबक पुत्र छलाह,
35 नाहोर सरूगक पुत्र छलाह,
36 शेलह केनानक पुत्र छलाह,
37 लामेक मथूशेलहक पुत्र छलाह,
38 केनान एनोशक पुत्र छलाह,