1 तखन हम एकटा जानबर केँ समुद्र मे सँ बहराइत देखलहुँ जकरा दसटा सीँग आ सातटा सिर छलैक। ओकर प्रत्येक सीँग पर मुकुट छलैक आ प्रत्येक सिर पर एहन नाम लिखल छलैक जाहि द्वारा परमेश्वरक अपमान होइत छल।
2 हम जाहि जानबर केँ देखलहुँ, से चितुआ सन छल, मुदा ओकर पयर भालुक पयर सन छलैक आ मुँहक आकार सिंहक मुँह सन छलैक। ओकरा अजगर अपन शक्ति, अपन सिंहासन आ अपन महान् अधिकार प्रदान कऽ देलकैक।
3 एना लगैत छल जे ओकर एकटा सिर पर प्राण-घातक प्रहार कयल गेल छलैक, मुदा ओ घाव ठीक भऽ गेल छलैक। एहि कारणेँ सम्पूर्ण पृथ्वीक लोक आश्चर्यित भऽ ओहि जानबरक भक्त भऽ गेल।
4 लोक सभ अजगरक पूजा कयलक, किएक तँ वैह जानबर केँ अधिकार देने छलैक। ओ सभ जानबरक पूजा सेहो कयलक आ कहलक, “एहि जानबरक बराबरि के भऽ सकैत अछि? एकरा संग के युद्ध कऽ सकैत अछि?”
5 ओहि जानबर केँ अहंकारी आ परमेश्वरक निन्दा वला बात सभ बजबाक मुँह देल गेलैक आ बयालीस महिना तक ओकरा अपन काज करैत रहबाक अधिकार भेटलैक।
6 एहि पर ओ परमेश्वरक निन्दा करऽ लागल आ हुनकर नामक, हुनकर निवास-स्थानक आ ओहि सभ लोकक जे स्वर्ग मे रहैत छथि, अपमान करऽ लागल।
7 परमेश्वरक लोक सभक संग युद्ध करबाक आ हुनका सभ पर विजय पयबाक शक्ति ओकरा देल गेलैक, और प्रत्येक कुल, राष्ट्र, भाषा आ जातिक लोक पर ओकरा अधिकार भेटलैक।
8 ओहि जानबरक पूजा पृथ्वीक सभ लोक करत, अर्थात्, ओ सभ लोक जकरा सभक नाम ओहि बलि-भेँड़ाक, जे सृष्टिक आरम्भ सँ पहिने वध कयल गेल छलाह, तिनकर जीवनक पुस्तक मे नहि लिखल गेल छैक।
9 जकरा सभ केँ कान होइक से सभ सुनि लओ।
10 “जकरा बन्दी बनबाक छैक,
11 तकरबाद हम एक दोसर जानबर केँ देखलहुँ; ओ धरती मे सँ बहराइत छल। ओकरा भेँड़ा जकाँ दूटा सीँग छलैक, मुदा ओ अजगर जकाँ बजैत छल।
12 ओ पहिल जानबरक सेवा मे ओकर सम्पूर्ण अधिकार प्रयोग मे लबैत छल। ओ पृथ्वी आ ओहि परक सभ निवासी सँ ओहि पहिल जानबरक, जकर प्राण-घातक घाव ठीक भऽ गेल छलैक, पूजा करबबैत छल।
13 ओ बड़का-बड़का चमत्कार देखबैत छल, एहनो चमत्कार जे लोकक देखिते-देखिते मे आकाश सँ पृथ्वी पर आगि बरसा दैत छल।
14 पहिल जानबरक सेवा मे जे चमत्कार सभ देखयबाक शक्ति ओकरा भेटल छलैक, ताहि द्वारा ओ पृथ्वीक निवासी सभ केँ बहकबैत छल। ओ ओकरा सभ सँ ओहि पहिल जानबर, जकरा पर तरुआरिक प्रहार भेल छल आ तैयो जीवित छल, तकरा सम्मान मे ओकर मूर्ति बनबौलक।
15 ओकरा जानबरक प्रतिमा मे प्राण राखि देबाक अधिकार भेटलैक जाहि सँ ओ प्रतिमा बाजऽ लागय आ जे सभ प्रतिमाक पूजा नहि करत तकरा मरबा दय।
16 ओ छोट-पैघ, धनिक-गरीब, स्वतन्त्र-दास, सभ लोक केँ दहिना हाथ पर वा कपार पर छाप लगबयबाक लेल बाध्य कयलकैक।
17 ओ एहि प्रकारक नियम बना देलक जे जकरा पर ओ छाप नहि लागल छलैक से सभ कोनो प्रकारक किनऽ-बेचऽ वला काज नहि कऽ सकैत छल। ओ छाप जानबरक नाम वा ओकरा नाम सँ सम्बन्धित अंक छल।
18 एतऽ बुद्धिक आवश्यकता अछि। जे बुद्धिमान होअय, से जानबरक नामक अंकक हिसाब लगाबओ, किएक तँ ई अंक मनुष्यक नामक संकेत अछि। ई अंक 666 अछि।