1 हे यहोवा, मेंह तोर सरन म हंव;
2 अपन धरमीपन म मोला बचा अऊ छोंड़ा;
3 मोर सरन के चट्टान बन,
4 हे मोर परमेसर, दुस्टमन के हांथ ले मोला छोंड़ा ले,
5 काबरकि हे परमपरधान यहोवा, तेंह मोर आसा अस,
6 जनम ले ही मेंह तोर ऊपर भरोसा रखे हंव;
7 मेंह बहुंते जन बर एक उदाहरन बन गे हंव;
8 मोर मुहूं ह तोर परसंसा करत नइं थकय,
9 जब मेंह डोकरा हो जाहूं, त मोला झन छोंड़बे;
10 काबरकि मोर बईरीमन मोर बिरूध गोठियाथें;
11 ओमन कहिथें, “परमेसर ह ओला तियाग दे हवय;
12 हे मोर परमेसर, मोर ले दूरिहा झन रह;
13 मोर ऊपर दोस लगइयामन सरम के मारे नास हो जावंय;
14 जहां तक मोर बात ए, मेंह हमेसा आसा रखहूं;
15 मेंह अपन मुहूं ले तोर धरमी काम,
16 हे परमपरधान यहोवा, मेंह आके तोर बड़े काममन के घोसना करहूं;
17 हे परमेसर, तेंह मोला मोर लइकापन ले सिखोवत आय हस,
18 जब मेंह डोकरा हो जावंव अऊ मोर बालमन पक जावंय,
19 हे परमेसर, तोर धरमीपन ह अकास तक हबरत हे,
20 हालाकि तेंह मोला बहुंत संकट
21 तेंह मोर आदरमान ला बढ़ाबे
22 हे मोर परमेसर, मेंह तोर बिसवासयोग्यता बर
23 मोर मुहूं ह आनंद के मारे चिचियाही
24 मेंह दिन भर