1 हे मोर परमेसर, जब मेंह अपन सिकायत लेके आथंव, त मोर बात ला सुन;
2 दुस्टमन के सडयंत्र ले, दुस्ट काम करइयामन के
3 ओमन तलवार के सहीं अपन जीभ ला तेज करथें
4 ओमन घात लगाके निरदोस ऊपर तीर चलाथें;
5 ओमन दुस्ट योजना बनाय बर एक-दूसर ला उकसाथें,
6 ओमन अनियाय करे के सडयंत्र रचथें अऊ कहिथें,
7 पर परमेसर ह ओमन ऊपर अपन तीर चलाही;
8 परमेसर ह ओमन के खुद के जीभ ला ओमन के बिरूध कर दीही
9 जम्मो मनखेमन डर जाहीं;
10 धरमी जन ह यहोवा म आनंद मनाही