1 हे परमेसर, मोर पराथना ला सुन,
2 मोर बात ला सुन अऊ मोला जबाब दे।
3 काबरकि मोर बईरी ह मोर बिरूध कहत हे,
4 मोर हिरदय ह भीतरे-भीतर पीरा म हवय;
5 डर अऊ कंपकपी मोला घेर ले हवय;
6 मेंह कहेंव, “कास, मोर एक पंड़की सहीं डेना होतिस!
7 मेंह उड़के दूरिहा चले जातेंव
8 मेंह आंधी अऊ तूफान ले दूरिहा
9 हे परभू, दुस्टमन ला बिचलित कर दे, ओमन के बात म गड़बड़ी कर दे,
10 रात अऊ दिन ओमन सहर के दीवार म चोरी-छुपे घुमथें;
11 सहर म बिनास करइया ताकतमन काम करत हें;
12 कहूं कोनो बईरी ह मोर बेजत्ती करतिस,
13 पर येह तो तें अस, मोर सहीं एक मनखे,
14 जेकर संग परमेसर के घर म
15 अचानक मोर बईरीमन के मिरतू हो जावय;
16 पर जहां तक मोर बात ए, मेंह परमेसर के नांव लेथंव,
17 सांझ, बिहनियां अऊ मंझन के बेरा
18 मोर बिरूध करे जावत लड़ई म
19 परमेसर, जऊन ह आदिकाल ले बिराजमान हे,
20 मोर संगवारी ह अपन संगीमन ऊपर हमला करथे;
21 ओकर बातचीत ह मक्खन के सहीं चिक्कन हवय,
22 अपन जिम्मेदारी यहोवा ऊपर डार दे
23 पर हे परमेसर, तें दुस्टमन ला