1 मुरूख ह अपन मन म कहिथे,
2 परमेसर ह स्वरग ले
3 हर मनखे ह भटक गे हवय, जम्मो झन बिगड़ गे हवंय;
4 का ये जम्मो दुस्ट काम करइयामन कुछू नइं जानंय?
5 जिहां डरे के कोनो बात नइं रहय,
6 बने होतिस कि इसरायल बर उद्धार ह सियोन ले बाहिर आतिस!
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1 मुरूख ह अपन मन म कहिथे,
2 परमेसर ह स्वरग ले
3 हर मनखे ह भटक गे हवय, जम्मो झन बिगड़ गे हवंय;
4 का ये जम्मो दुस्ट काम करइयामन कुछू नइं जानंय?
5 जिहां डरे के कोनो बात नइं रहय,
6 बने होतिस कि इसरायल बर उद्धार ह सियोन ले बाहिर आतिस!