1 महान ए यहोवा, अऊ हमर परमेसर के सहर म,
2 सुघर हे अपन ऊंचई म
3 परमेसर ह उहां के किलामन म हवय;
4 जब राजामन अपन सेना ला मिलाईन,
5 त ओमन ओला देखिन अऊ चकित हो गीन;
6 ओमन उहां कांपे लगिन,
7 तेंह ओमन ला तरसीस के पानी जहाजमन सहीं नास कर देय
8 सर्वसक्तिमान यहोवा के सहर म,
9 हे परमेसर, तोर मंदिर के भीतर
10 हे परमेसर, तोर नांव के सहीं,
11 तोर नियाय के काम के कारन
12 सियोन करा जावव, ओकर चारों कोति चक्कर लगावव,
13 ओकर मजबूत दीवारमन ऊपर बने करके बिचार करव,
14 काबरकि ये परमेसर ह हमर सदाकाल के परमेसर अय;