1 मेंह हर समय यहोवा के परसंसा करहूं;
2 मेंह यहोवा ऊपर घमंड करहूं;
3 मोर संग यहोवा के महिमा करव;
4 मेंह यहोवा ले पराथना करेंव; अऊ ओह मोला जबाब दीस;
5 जऊन मन ओकर कोति देखथें, ओमन दीप्तिमान होथें;
6 ये दीन-हीन मनखे ह पुकारिस, अऊ यहोवा ह ओकर बात ला सुनिस;
7 यहोवा के स्वरगदूत ह ओमन के चारों कोति डेरा डालथे, जऊन मन ओकर भय मानथें,
8 परखके देखव कि यहोवा ह बने अय;
9 हे ओकर पबितर मनखेमन, तुमन यहोवा के भय मानव,
10 भले ही सिंह ह कमजोर हो सकथे अऊ भूखा रह सकथे,
11 हे मोर लइकामन, आवव, मोर बात ला सुनव;
12 तुमन म ले जऊन ह भी जिनगी ले मया करथे
13 त ओह अपन जीभ ला खराप बात ले
14 बुरई ला छोंड़के भलई करव;
15 यहोवा के नजर ह धरमीमन ऊपर लगे रहिथे,
16 पर यहोवा ह बुरई करइयामन के बिरोध करथे,
17 धरमीमन गोहारथें, अऊ यहोवा ह ओमन के सुनथे;
18 यहोवा ह टूटे मनवाला के लकठा म रहिथे
19 धरमी मनखे करा बहुंत समस्या हो सकथे,
20 ओह ओकर जम्मो हाड़ामन के रकछा करथे,
21 बुरई ही दुस्ट मनखे ला मार डालही;
22 यहोवा ह अपन सेवकमन ला बचाही;