Salmos 31

HNE

1 हे यहोवा, मेंह तोर सरन म हंव;

2 मोर कोति अपन कान लगा,

3 जब तेंह मोर चट्टान अऊ मोर गढ़ अस,

4 मोर बर लगाय गे फांदा ले मोला बचा ले,

5 तोर हांथ म मेंह अपन आतमा ला सऊंपत हवंव;

6 मेंह ओमन ले घिन करथंव, जऊन मन बेकार के मूरतीमन म मन लगाय रहिथें;

7 मेंह खुस होहूं अऊ तोर मया म आनंद मनाहूं,

8 तेंह मोला बईरीमन के हांथ म नइं दे हस

9 हे यहोवा, मोर ऊपर दया कर,

10 मोर जिनगी ह दुख-पीरा

11 मोर जम्मो बईरीमन के कारन,

12 मरे मनखे के सहीं मोला भुला दिये गे हवय;

13 मेंह सुनत हंव कि बहुंते जन ये कानाफूसी करत हंय,

14 पर हे यहोवा, मेंह तोर ऊपर भरोसा करथंव;

15 मोर जिनगी ह तोर हांथ म हवय;

16 तोर सेवक के ऊपर तोर मुहूं के अंजोर चमकय;

17 हे यहोवा, मोला लज्जित झन होवन दे,

18 ओमन के लबारी बात कहइया मुहूं ह बंद हो जावय,

19 कतेक जादा हवंय बने-बने चीजमन,

20 अपन उपस्थिति के आसरय म तेंह ओमन ला

21 यहोवा के परसंसा होवय,

22 घबराहट म मेंह कहेंव,

23 हे ओकर जम्मो बिसवासयोग्य मनखेमन, यहोवा ले मया करव!

24 हे यहोवा ऊपर आसा रखइया जम्मो मनखेमन,

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