1 यहोवा के परसंसा करव।
2 यहोवा ह यरूसलेम ला बनाथे;
3 ओह निरास-हतास मनखेमन के दुख ला दूर करथे
4 ओह तारामन के संखिया ला निरधारित करथे
5 महान ए हमर परभू अऊ अति सामर्थी ए;
6 यहोवा ह नम्र मनखे ला संभाले रखथे
7 धनबाद के संग यहोवा के परसंसा के गीत गावव;
8 ओह अकास ला बादरमन ले ढांपथे;
9 ओह पसुमन ला आहार देथे
10 ओह घोड़ा के सक्ति ले खुस नइं होवय,
11 यहोवा ह ओमन ले खुस होथे, जऊन मन ओकर भय मानथें,
12 हे यरूसलेम, यहोवा के महिमा कर;
13 ओह तोर दुवार के खंभामन ला मजबूत करथे
14 ओह तोर सीमना म सांति बनाय रखथे
15 ओह धरती ऊपर अपन हुकूम भेजथे;
16 ओह बरफ ला ऊन के सहीं फईलाथे
17 ओह पथरा के सहीं करा गिराथे।
18 ओह हुकूम देके ओमन ला टघला देथे;
19 ओह याकूब ला अपन बात,
20 कोनो आने जाति के मनखेमन बर ओह ये काम नइं करे हवय;