1 यहोवा, जऊन ह मोर चट्टान ए, ओकर परसंसा होवय,
2 ओह मोर मयारू परमेसर अऊ मोर किला,
3 हे यहोवा, मनखेमन का अंय कि तेंह ओमन के खियाल रखथस?
4 ओमन तो सांस के सहीं अंय;
5 हे यहोवा, अपन स्वरग ला खाल्हे करके उतर आ;
6 बिजली कड़काके बईरी ला तितिर-बितिर कर दे;
7 ऊंच स्थान ले अपन हांथ बढ़ा;
8 जेमन के मुहूं ले बहुंत लबारी बात निकलथे,
9 हे मोर परमेसर, मेंह तोर बर एक नवां गीत गाहूं;
10 तें, जऊन ह कि राजामन ला जय देथस,
11 परदेसीमन के हांथ ले मोला बचा
12 तब हमर बेटामन अपन जवानी म
13 हमर कोठारमन हर किसम के
14 हमर बईलामन भारी सामान खींचके ले जाहीं।
15 धइन अंय ओ मनखेमन, जेमन बर ये बात सही ए;