1 मेंह यहोवा ले मया करथंव, काबरकि ओह मोर बात ला सुनिस;
2 काबरकि ओह मोर कोति अपन कान लगाईस,
3 मिरतू के डोर म मेंह फंस गेंव,
4 तब मेंह यहोवा के नांव ले पराथना करेंव:
5 यहोवा ह अनुग्रहकारी अऊ धरमी अय;
6 यहोवा ह सीधा-साधा मनखे के रकछा करथे;
7 हे मोर परान, अपन बिसराम-स्थान म लहुंट आ,
8 हे यहोवा, तेंह मोला मिरतू ले,
9 ताकि मेंह यहोवा के आघू म
10 मेंह यहोवा ऊपर भरोसा रखेंव, जब मेंह ये कहेंव,
11 मेंह अपन बेचैनी म कहेंव,
12 यहोवा ह जतेक भलई मोर बर करे हवय,
13 मेंह उद्धार के कटोरा ला ऊपर उठाहूं
14 यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म
15 यहोवा के बिसवासयोग्य सेवकमन के मिरतू ह
16 हे यहोवा, सही म मेंह तोर सेवक अंव;
17 मेंह तोला धनबाद-बलिदान चघाहूं
18 यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म
19 हे यरूसलेम, तोर बीच म,