1 यहोवा के परसंसा होवय।
2 कोन ह यहोवा के महान काममन के घोसना कर सकथे
3 धइन अंय ओमन, जऊन मन नियाय के संग काम करथें,
4 हे यहोवा, जब तेंह अपन मनखेमन ऊपर किरपा करथस, त मोला सुरता रखबे,
5 ताकि मेंह तोर चुने गय मनखेमन के उन्नति के आनंद उठावंव,
6 हमन हमर पुरखामन सहीं पाप करे हन;
7 जब हमर पुरखामन मिसर देस म रिहिन,
8 तभो ले ओह अपन नांव के हित म ओमन ला बचाईस,
9 ओह लाल-समुंदर ला डांटिस, अऊ ओह सूख गीस;
10 ओह ओमन ला बिरोधीमन के हांथ ले बचाईस;
11 ओमन के बईरीमन पानी म बुड़ गीन;
12 तब ओमन ओकर परतिगियांमन ऊपर बिसवास करिन
13 पर ओमन बहुंत जल्दी ओकर काममन ला भुला गीन
14 निरजन जगह म ओमन अपन लालसा ला रखिन;
15 तब ओह ओमन के मांगे गय चीज ला दीस,
16 डेरा म ओमन मूसा अऊ ओ हारून ले जलन करिन,
17 धरती ह फटिस अऊ दातान ला लील लीस;
18 आगी ह ओमन के पाछू चलइयामन के बीच गिरिस;
19 होरेब पहाड़ म ओमन एक बछवा के मूरती बनाईन
20 ओमन अपन महिमामय परमेसर के बदले
21 ओमन ओ परमेसर ला बिसरा दीन, जऊन ह ओमन ला बचाय रिहिस,
22 हाम के देस म चमतकार
23 एकरसेति परमेसर ह कहिस कि ओह ओमन ला नास कर दीही—
24 तब ओमन मनभावन देस ला तुछ समझिन;
25 ओमन अपन तम्बू म कुड़कुड़ाईन
26 एकरसेति ओह हांथ उठाके कसम खाईस
27 ओमन के संतानमन ला जाति-जाति के मनखेमन के बीच म गिरा दीही
28 ओमन बाल-पेओर देवता ला माने लगिन
29 ओमन अपन दुस्ट काममन के दुवारा यहोवा के कोरोध ला भड़काईन,
30 पर पीनहास ह ठाढ़ होईस अऊ ओमन बर बिनती करिस,
31 येह ओकर बर अवइया पीढ़ी-पीढ़ी के मनखेमन बर
32 मरीबा के पानी के तीर म घलो ओमन यहोवा के कोरोध ला भड़काईन,
33 काबरकि ओमन परमेसर के आतमा के बिरूध बिदरोह करिन,
34 जइसे कि यहोवा ह ओमन ला हुकूम दे रिहिस
35 पर ओमन आने जाति के मनखेमन ले मिल गीन
36 ओमन आने जाति के मूरतीमन के पूजा करिन,
37 ओमन अपन बेटा-बेटीमन ला
38 ओमन अपन निरदोस बेटा-बेटीमन
39 ओमन अपन काम के दुवारा अपनआप ला असुध करिन;
40 एकरसेति यहोवा ह अपन मनखेमन ले गुस्सा करिस
41 ओह ओमन ला आने जाति के मनखेमन के हांथ म कर दीस,
42 ओमन के बईरीमन ओमन ऊपर अतियाचार करिन
43 कतको बार परमेसर ह ओमन ला छोंड़ाईस,
44 तभो ले ओह ओमन के संकट म ओमन ऊपर धियान दीस
45 ओमन के हित म ओह अपन करार ला सुरता करिस
46 जऊन मन ओमन ला बंधुवा बनाय रिहिन,
47 हे यहोवा हमर परमेसर, हमन ला बचा,
48 यहोवा, इसरायल के परमेसर के परसंसा