1 मेंह तोर मया अऊ नियाय के गीत गाहूं;
2 मेंह निरदोस जिनगी जीये बर धियान दूहूं—
3 मेंह कोनो दुस्ट काम बर
4 जिद्दी सुभाव ले मेंह दूर रहिहूं;
5 जऊन कोनो अपन परोसी के पाछू ओकर निन्दा करथे,
6 मोर आंखी ह देस म बिसवासयोग्य मनखेमन ऊपर लगे रहिही,
7 धोखाधड़ी करइया कोनो भी मनखे
8 हर बिहनियां मेंह देस के