1 हे इसरायलीमन, यहोवा के बचन ला सुनव,
2 इहां सिरिप सराप देवई, लबारी बात, हतिया करई,
3 एही कारन अय कि ये देस ह सूखा जाथे,
4 “पर कोनो मनखे दोस झन लगावय,
5 तेंह रात-दिन ठोकर खाथस,
6 मोर मनखेमन गियान के कमी के कारन नास होथें।
7 जतेक जादा पुरोहित रिहिन,
8 पुरोहितमन मोर मनखेमन के पाप के कमई ला खाथें
9 अऊ येह अइसने होही: जइसने मनखेमन के दसा, वइसने पुरोहितमन के दसा।
10 “ओमन खाना तो खाहीं, पर ओमन करा परयाप्त खाना नइं होही;
11 ताकि ओमन बेस्यागमन कर सकंय;
12 मोर मनखेमन कठवा के एक मूरती ले सलाह लेथें,
13 ओमन पहाड़ के टीप म बलिदान चघाथें
14 “जब तुम्हर बेटीमन छिनारी करे बर जाहीं
15 “हे इसरायल, हालाकि तेंह बेभिचार करथस,
16 इसरायलीमन जिद्दी बछरू
17 एपरैम ह मूरतीमन के संगवारी हो गे हवय;
18 अऊ त अऊ जब ओमन के मंद ह खतम हो जाथे,
19 बवंडर ह ओमन ला उड़ाके ले जाही,