Oséias 13

HNE

1 जब एपरैम ह गोठियावय, त मनखेमन कांपंय;

2 अब ओमन अऊ जादा पाप करत हें;

3 ये खातिर ओमन बिहनियां के कुहरा,

4 “पर मेंह तब ले यहोवा तोर परमेसर अंव,

5 मेंह उजाड़ निरजन जगह म,

6 जब मेंह ओमन ला जेवन करांय, त ओमन खाके अघा गीन;

7 एकरसेति मेंह ओमन बर एक सिंह असन होहूं;

8 मेंह ओ माई भालू सहीं बनहूं, जेकर लइकामन ला छीन लिये गे हवय,

9 “हे इसरायल, तोर बिनास होईस,

10 तोर राजा कहां हवय, कि ओह तोला बचावय?

11 एकरसेति कोरोध म आके मेंह तोला एक राजा देंव,

12 एपरैम के अपराध बहुंत हो गे हवय,

13 ओला एक माईलोगन के लइका जनमाय सहीं पीरा होही,

14 “मेंह ये मनखेमन ला कबर के सक्ति ले छुटकारा दूहूं;

15 चाहे एपरैम ह अपन भाईमन के बीच म उन्नति करे।

16 जरूरी अय कि सामरिया के मनखेमन अपन अपराध के दंड भोगंय,

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