1 जब बिलाम ह देखिस कि इसरायल ला आसीस देवई ह यहोवा ला बने लगथे, त ओह पहिले के सहीं सकुन-बिचार करे म मन नइं लगाईस, पर अपन चेहरा ला सुन्ना जगह कोति करिस।
2 जब बिलाम ह देखिस कि इसरायल ह गोत्र-गोत्र के मुताबिक डेरा डाले हवय, त परमेसर के आतमा ओकर ऊपर आईस
3 अऊ बिलाम ह अपन संदेस दीस:
4 ओ मनखे के अगमबानी, जऊन ह परमेसर के बचन ला सुनथे,
5 “हे याकूब, का ही सुघर हवंय तोर तम्बूमन,
6 “ओमन घाटीमन सहीं फईले हवंय,
7 ओमन के बाल्टीमन ले पानी ह बहते रहिही;
8 “परमेसर ह ओमन ला मिसर देस ले निकाल लानिस;
9 सिंह सहीं ओमन लेटके अराम करथें,
10 तब बालाक के कोप बिलाम ऊपर भड़किस। ओह अपन दूनों हांथ ला ठोंकके बिलाम ला कहिस, “मेंह अपन बईरीमन ला सराप दे बर तोला बुलवाय हंव, पर तेंह तीन बार ओमन ला आसीस दे हस।
11 अब तें तुरते इहां ले भाग अऊ अपन घर जा! मेंह कहे रहेंव कि मेंह तोला बने ईनाम दूहू, पर यहोवा ह तोला ओ ईनाम ले दूरिहा रखे हवय।”
12 बिलाम ह बालाक ला कहिस, “का मेंह तोर संदेसियामन ला ये नइं कहे रहेंव,
13 ‘यदि बालाक ह मोला अपन महल के जम्मो सोन अऊ चांदी ला घलो दे दीही, तभो ले मेंह अपन ईछा ले यहोवा के हुकूम के बाहिर बने या खराप कुछू नइं कर सकंव—अऊ सिरिप ओहीच बात कहिहूं, जऊन बात यहोवा ह कहिही?’
14 अब सुन, मेंह अपन मनखेमन करा वापिस जावत हंव, पर मेंह तोला चेतात हंव कि अवइया समय म ये इसरायली मनखेमन तोर मनखेमन संग का करहीं।”
15 तब ओह अपन संदेस दीस:
16 ओ मनखे के अगमबानी, जऊन ह परमेसर के बचन ला सुनथे,
17 “मेंह ओला देखथंव, पर अभी नइं;
18 एदोम के ऊपर जय मिलही;
19 याकूब ले एक सासन करइया निकलही
20 तब बिलाम ह अमालेक ला देखिस अऊ अपन संदेस दीस:
21 तब बिलाम ह केनीमन ला देखिस अऊ अपन संदेस दीस:
22 तभो ले केनी मनखेमन, तुमन नास हो जाहू
23 तब बिलाम ह अपन ये संदेस दीस:
24 कित्ती के समुंदर तीर ले पानी जहाजमन आहीं;
25 तब बिलाम ह उठिस अऊ अपन घर वापिस चल दीस, अऊ बालाक घलो अपन रसता म चल दीस।