1 हकलयाह के बेटा नहेमियाह के बचन:
2 तब हनानी नांव के मोर एक भाई ह यहूदा ले कुछू आने आदमीमन के संग आईस, अऊ मेंह ओमन ले ओ बांचे यहूदीमन के बारे म पुछेंव, जेमन बंधुवई ले बच गे रिहिन, अऊ मेंह यरूसलेम के बारे म घलो पुछेंव।
3 ओमन मोर ले कहिन, “बांचे मनखेमन जेमन बंधुवई ले छूटके प्रदेस म वापिस आ गे हवंय, ओमन बहुंत दुरदसा अऊ अपमान म परे हवंय। यरूसलेम के चारों मुड़ा के दीवार ह टूट गे हवय, अऊ ओकर दुवारमन जर गे हवंय।”
4 ये बात ला सुनके मेंह बईठके रोवन लगंय अऊ कुछू दिन तक सोक मनांय, अऊ स्वरग के परमेसर के आघू म उपास अऊ पराथना करंय।
5 तब मेंह कहेंव:
6 तोर कान ह धियान देवय अऊ आंखी ह खुले रहय कि जऊन पराथना में, तोर सेवक ह रात अऊ दिन तोर सेवक, इसरायल के मनखेमन बर तोर आघू म करत हंव, ओला तें सुन ले। मेंह तोर बिरूध करे गय इसरायलीमन के पाप अऊ मोर अऊ मोर ददा के घराना के पाप करई ला मानत हंव।
7 हमन तोर आघू म बहुंत बुरई करे हवन। जऊन हुकूम, बिधि अऊ कानूनमन ला तेंह अपन दास मूसा ला देय रहय, ओला हमन नइं माने हन।
8 “ओ निरदेस ला सुरता कर, जेला तेंह अपन दास मूसा ला ये कहिके दे रहय, ‘यदि तुमन बिसवासघात करहू, त मेंह तुमन ला जाति-जाति के मनखेमन के बीच म तितिर-बितिर कर दूहूं।
9 पर यदि तुमन मोर करा लहुंटके आहू अऊ मोर हुकूम ला मानहू, त चाहे तुम्हर बंधुवई म गय मनखेमन धरती के छोर म घलो होहीं, तब भी मेंह ओमन ला उहां ले संकेलके ओ जगह म ले आहूं, जेला मेंह अपन नांव के निवास बर चुन लेय हंव।’
10 “ओमन तोर सेवक अऊ तोर मनखे अंय, जेमन ला तेंह अपन बहुंत ताकत अऊ बलवान हांथ के दुवारा छोंड़ाय हस।
11 हे परभू, तोर ये सेवक के पराथना अऊ तोर ओ सेवकमन के पराथना ला कान लगाके सुन, जेमन तोर नांव के भय माने म खुस होथें। ये आदमी के आघू म अनुग्रह देके आज तोर ये सेवक के काम ला सफल कर।”