1 सोन ह कइसे अपन चमक गंवा दे हवय,
2 सियोन के कीमती लइकामन,
3 अऊ त अऊ सियार ह
4 पीयास के मारे दूध पीनेवाला लइका के जीभ ह
5 ओ मनखे जऊन मन एक समय सुवादवाला भोजन करत रिहिन
6 मोर मनखेमन के दंड ह
7 ओमन के राजकुमारमन बरफ ले जादा चमकवाले
8 पर अब ओमन कालिख ले घलो जादा करिया हो गे हवंय;
9 जऊन मन तलवार ले मारे गीन, ओमन बेहतर अंय
10 करूना ले भरपूर दाईमन अपन खुद के हांथ ले
11 यहोवा ह अपन कोप ला पूरा भड़काय हवय;
12 धरती के राजामन बिसवास नइं करिन
13 पर ओकर अगमजानीमन के पाप
14 अब ओमन गलीमन म टटोलत हवंय
15 मनखेमन ओमन ले चिचियाके कहिथें, “दूर हटव, तुमन असुध हव।
16 यहोवा ह खुद ओमन ला तितिर-बितिर कर दे हवय;
17 अऊ ये घलो कि हमर आंखीमन
18 मनखेमन हर कदम म हमर पीछा करिन,
19 हमर पीछा करइयामन अकास के
20 यहोवा के अभिसिक्त, हमर खुद के जिनगी के सांस ह
21 हे बेटी एदोम, तें जो ऊज देस म रहिथस,
22 हे बेटी सियोन, तोर सजा ह खतम हो जाही;