1 ओमन ऊपर हाय, जेमन मदद पाय बर खाल्हे मिसर देस म जाथें,
2 पर ओह घलो बुद्धिमान अय अऊ बिपत्ति ला सकथे;
3 पर मिसरीमन सिरिप मरनहार मनखे अंय। परमेसर नइं;
4 यहोवा ह मोला ये कहत हे:
5 जइसे चिरईमन मुड़ ऊपर मंडराथें,
6 हे इसरायलीमन, जेकर बिरूध म तुमन भारी बिदरोह करे हवव, ओकर मेर लहुंटके आवव।
7 काबरकि ओ दिन, तुमन म ले हर एक जन ओ सोन अऊ चांदी के मूरतीमन ला अस्वीकार करहू, जेमन ला तुम्हर पापी हांथमन बनाय हवंय।
8 “अस्सूरीमन मनखे के तलवार ले मारे नइं जाहीं;
9 आतंक के मारे ओमन के गढ़ ह गिर जाही;