1 यहोवा ह याकूब ऊपर दया करही;
2 जाति-जाति के मनखेमन ओमन ला
3 ओ दिन यहोवा ह तुमन ला तुम्हर दुख अऊ घबराहट अऊ ओ कठोर मेहनत ले अराम दीही, जेला तुम्हर ले जबरदस्ती करवाय जावत रिहिस,
4 तुमन बेबिलोन के राजा ऊपर ये ताना मारहू:
5 यहोवा ह दुस्टमन के सोंटा,
6 जेकर ले ओमन गुस्सा होके
7 अब पूरा धरती ला अराम अऊ सांति मिले हवय;
8 अऊ त अऊ सनोवर अऊ लबानोन के देवदार रूख घलो
9 खाल्हे मिरतू-लोक म तुम्हर आय ले
10 ओ जम्मो झन जबाब दीहीं,
11 तुम्हर जम्मो ठाट-बाट अऊ तुम्हर बीना के अवाज ला
12 हे बिहान के तारा, बड़े बिहनियां के बेटा,
13 तेंह अपन मन म कहय,
14 मेंह बादर ले घलो ऊपर ऊंच जगह म चघहूं;
15 पर तेंह मिरतू-लोक म
16 जेमन के नजर तोर ऊपर जाथे, ओमन टकटकी लगाके तोला देखथें,
17 का येह ओ मनखे अय, जऊन ह संसार ला निरजन प्रदेस बना देवय,
18 जाति-जाति के सब राजामन
19 पर तेंह कंटिली डाली के सहीं
20 तोला ओमन के संग कबर म नइं गाड़े जावय,
21 ओमन के पुरखामन के पाप के कारन
22 सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे,
23 “मेंह ओला उल्लूमन के जगह
24 सर्वसक्तिमान यहोवा ह सपथ खाके कहे हवय,
25 में अस्सूर ला अपन देस म कुटा-कुटा कर दूहूं;
26 येह ओ योजना ए, जऊन ह जम्मो संसार बर ठहिराय गे हवय;
27 काबरकि सर्वसक्तिमान यहोवा ह योजना बनाय हवय, त कोन ह ओकर बिरोध कर सकथे?
28 जऊन बछर आहाज राजा मरिस, ओही बछर ये अगमबानी होईस:
29 हे जम्मो पलिस्तीमन, एकर बर आनंदित झन होवव
30 तब गरीब ले गरीब मनखे घलो खाय बर पाही,
31 हे दुवार, तेंह हाय-हाय कर! हे नगर, तें नरिया!
32 ओ जाति के दूतमन ला